डोगा सीरीज की ये चौथी कॉमिक्स है। इसमें भी पिछली कॉमिक्स की तर्ज पर ही एक और किरदार के बारे में बताया गया है। इस बार वो किरदार है - अदरक चाचा।
अदरक चाचा - जो न सिर्फ सूरज के बल्कि डोगा के भी खुदा हैं। जिन्होंने एक अनाथ सूरज को अपनी शरण में लिया और उसको फौलाद बनाया और बनाया उस लायक कि वो हलकान सिंह से अपना बदला ले सके।
इस कहानी में ये भी बताय गया की अदरक चाचा क्यों जरूरी हैं डोगा और सूरज की ज़िन्दगी में।
Reprint Cover
Original Cover
कई और किरदार इस कहानी में जोड़े गए हैं। उनमे सबसे अहम है 'गेंडा'। गेंडा चार झुग्गी के बदमाशों - हड्डल, बॉबी (लड़की), ठुमरी और काकू को अपनी गैंग में शामिल करता है और दहशत फ़ैलाने का काम करवाता है। पूरा पुलिस डिपार्टमैन्ट उनके पीछे लग जाता है और दुर्भाग्यवश अपने एक काबिल इंस्पेक्टर इं. चंडू को खो देता है। उधर सूरज अपने चाचा को दिए वचन की वजह से डोगा नहीं बनता।
चरों एक बार फिर धावा बोलते हैं लेकिन इस बार इंस्पेक्टर चीता हड्डल का काम तमाम कर देता है। लेकिन अभी तक बात की तह तक नहीं पहुँचता। कहानी ख़त्म होती है चीता के दिमाग में उमड़ते सवालों के साथ - "कौन है इस कत्ले-आम के पीछे? क्यों मरना चाहते थे वो चारों, लोगों को?"
लेखक: संजय गुप्ता
संपादन: मनीष गुप्ता
चित्रांकन: मनु
मनु जी द्वारा बनाये चित्र हमेशा की तरह जीवंत हो उठते हैं और बाँध कर रखते हैं।
इस कॉमिक्स को मेरी तरफ से 10 में से 8 गोलियां।
अदरक चाचा - जो न सिर्फ सूरज के बल्कि डोगा के भी खुदा हैं। जिन्होंने एक अनाथ सूरज को अपनी शरण में लिया और उसको फौलाद बनाया और बनाया उस लायक कि वो हलकान सिंह से अपना बदला ले सके।
इस कहानी में ये भी बताय गया की अदरक चाचा क्यों जरूरी हैं डोगा और सूरज की ज़िन्दगी में।
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कई और किरदार इस कहानी में जोड़े गए हैं। उनमे सबसे अहम है 'गेंडा'। गेंडा चार झुग्गी के बदमाशों - हड्डल, बॉबी (लड़की), ठुमरी और काकू को अपनी गैंग में शामिल करता है और दहशत फ़ैलाने का काम करवाता है। पूरा पुलिस डिपार्टमैन्ट उनके पीछे लग जाता है और दुर्भाग्यवश अपने एक काबिल इंस्पेक्टर इं. चंडू को खो देता है। उधर सूरज अपने चाचा को दिए वचन की वजह से डोगा नहीं बनता।
चरों एक बार फिर धावा बोलते हैं लेकिन इस बार इंस्पेक्टर चीता हड्डल का काम तमाम कर देता है। लेकिन अभी तक बात की तह तक नहीं पहुँचता। कहानी ख़त्म होती है चीता के दिमाग में उमड़ते सवालों के साथ - "कौन है इस कत्ले-आम के पीछे? क्यों मरना चाहते थे वो चारों, लोगों को?"
लेखक: संजय गुप्ता
संपादन: मनीष गुप्ता
चित्रांकन: मनु
मनु जी द्वारा बनाये चित्र हमेशा की तरह जीवंत हो उठते हैं और बाँध कर रखते हैं।
इस कॉमिक्स को मेरी तरफ से 10 में से 8 गोलियां।

